विवाह गीत
माहहि , बाट मालिनि कुँइया रे खनावेली
कुँइया के पीयर माटी ए ।
ताहि उपर मालिनि केवडा लगावेली
केवडा के सीतल बतास ए ॥
मलिया जे सुतेले घर घबराह
मालिनि सुतेली फुलवारी ए ॥
धावल धुपल अईले कवन दुल्हा
ठाढ भईले केवडा के छाह ए ॥
मलिया जे पईठेला मालिनि जगावेला
उठु मालिनि भईल भिंसार ए ॥
मुँहवा उघारि जब देखले मलिनिया
दुअरा कवन दुल्हा ठाढ ए ॥
किया तोरा बाबु जे काज परोजन
किया तोरा भईया के बिआह ए ॥
नाही मोरा मालिनि काज परोजन
नाही मोरा भईया के बिआह ए ॥
आपना बाबाजी के हमही दुलरुआ
हमरी लगनिया अगुताई ए ॥
मोर आजु बात सुनु कवन मलिनिया
नीमन मउरिया देहु गुँथ ए ॥
नीमन ही नीमन जनि करु बाबु
नीमन मउरिया कईसन होई ए ॥
अवढी पवढी गुथिहे ए मालिन
दवना मरुबाबा चारो चिडिया जोडा हंस ए ॥
अईसान मउरिया उडेह ए मालिनि
मउर देख रहस लोभाई ए ॥
