मंगलवार, 24 मई 2011

भोजपुरी पारम्परिक गीत

विवाह गीत


माहहि , बाट मालिनि कुँइया रे खनावेली

कुँइया के पीयर माटी ए ।

ताहि उपर मालिनि केवडा लगावेली

केवडा के सीतल बतास ए ॥

मलिया जे सुतेले घर घबराह

मालिनि सुतेली फुलवारी ए ॥

धावल धुपल अईले कवन दुल्हा

ठाढ भईले केवडा के छाह ए ॥

मलिया जे पईठेला मालिनि जगावेला

उठु मालिनि भईल भिंसार ए ॥

मुँहवा उघारि जब देखले मलिनिया

दुअरा कवन दुल्हा ठाढ ए ॥

किया तोरा बाबु जे काज परोजन

किया तोरा भईया के बिआह ए ॥

नाही मोरा मालिनि काज परोजन

नाही मोरा भईया के बिआह ए ॥

आपना बाबाजी के हमही दुलरुआ

हमरी लगनिया अगुताई ए ॥

मोर आजु बात सुनु कवन मलिनिया

नीमन मउरिया देहु गुँथ ए ॥

नीमन ही नीमन जनि करु बाबु

नीमन मउरिया कईसन होई ए ॥

अवढी पवढी गुथिहे ए मालिन

दवना मरुबाबा चारो चिडिया जोडा हंस ए ॥

अईसान मउरिया उडेह ए मालिनि

मउर देख रहस लोभाई ए ॥

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